साकी भी तुम जाम भी तुम
शमा भी तुम शाम भी तुम
गम छोटे डर गम छोटे
दर्द भी तुम आराम भी तुम
तुम में छुपे अशार कई
मेहनत भी तुम ईनाम भी तुम
पलकों का उठाना गिरना
कासिद भी तुम पैगाम भी तुम
हर लम्हा तुम हर जानिब
फुर्सत भी तुम काम भी तुम
तुम से शुरू तुम पे ही ख़तम
इश्क भी तुम अंजाम भी तुम
Saturday, July 5, 2008
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